रुद्राभिषेक एवं महारुद्र पूजा उज्जैन
भगवान महाकाल को पंचामृत, गन्ने के रस व सुगंधित द्रव्यों से वेदोक्त अभिषेक

सिद्ध हनुमान मंदिर,रामघाट, उज्जैन
पूजा का शास्त्रोक्त स्वरूप एवं महत्व
मानसिक शांति, पारिवारिक सुख, व्यापारिक समृद्धि एवं सभी प्रकार के ग्रह दोषों की शांति के लिए रुद्राभिषेक सबसे सरल एवं अचूक शिव आराधना है।
महाकाल की नगरी में किया गया अभिषेक जीवन की समस्त नकारात्मक ऊर्जाओं को नष्ट कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उज्जैन तीर्थ में ही क्यों?
उज्जैन 12 ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है, जो तंत्र एवं मंत्र सिद्धि का सर्वोच्च केंद्र माना गया है।
शास्त्रोक्त वैदिक पूजा विधि
उज्जैन के पावन तीर्थ पर प्रत्येक अनुष्ठान संपूर्ण वैदिक शुचिता एवं मर्यादा से संपन्न होता है।
सदाशिव आह्वान व संकल्प
यजमान के नाम व गोत्र से परिवार की सुख-शांति हेतु संकल्प।
पंचामृत धारा अभिषेक
दूध, दही, घी, शहद व खांड से निरंतर धारा अर्पण।
रुद्राष्टाध्यायी पाठ
शुक्ल यजुर्वेद के आठ अध्यायों का वेदपाठी पंडितों द्वारा सस्वर पाठ।
शृंगार व महाआरती
भांग, चंदन व भस्म से भगवान का दिव्य श्रृंगार एवं आरती।
पूजा पैकेज एवं दक्षिणा विवरण
सभी पैकेजों में संपूर्ण पूजन सामग्री, वैदिक विद्वान पंडित जी की दक्षिणा एवं व्यवस्था सम्मिलित है। कोई अतिरिक्त या छिपा हुआ शुल्क नहीं है।
एकादश रुद्राभिषेक (Standard)
- व्यक्तिगत नाम व गोत्र संकल्प
- दूध, शहद, गंगाजल से अभिषेक
- रुद्री पाठ एवं 108 बेलपत्र अर्पण
- आरती एवं महाप्रसाद
लघुरुद्र महाभिषेक (Recommended)
- 3 विद्वानों द्वारा नमक-चमक पाठ
- गन्ने के रस, पंचामृत व फलों के रस से महाभिषेक
- विशेष रुद्राभिषेक हवन
- महाकाल भस्म व रक्षासूत्र प्रेषित
पूजा की तैयारी एवं वस्त्र नियम
वैदिक पूजा में शुचिता एवं नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक माना गया है।
धोती अथवा स्वच्छ कुर्ता-पायजामा
साड़ी अथवा सलवार-सूट
शुभ मुहूर्त एवं श्रेष्ठ तिथियां
शास्त्रीय मान्यता अनुसार इन पावन तिथियों पर यह अनुष्ठान विशेष फलदायी होता है:
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या रुद्राभिषेक घर बैठे ऑनलाइन कराया जा सकता है?
हां, आप लाइव वीडियो कॉल के माध्यम से संकल्प कर सकते हैं और पूरी पूजा को प्रत्यक्ष देख सकते हैं। पूजा का प्रसाद आपके घर पहुंचा दिया जाएगा।
शुभ मुहूर्त में अपने नाम एवं गोत्र से संकल्प करवाएं
पंडित जी से सीधे बात कर अपनी जन्म कुंडली का विश्लेषण करवाएं और उपयुक्त तिथि सुनिश्चित करें।