उज्जैन क्षिप्रा तट से प्रत्यक्ष लाइव संकल्प पूजा उपलब्ध
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सिद्धवट महातीर्थपितृ कर्म एवं मोक्ष शांति

पितृ दोष एवं नारायण नागबलि पूजा उज्जैन

अक्षय वट तीर्थ सिद्धवट एवं रामघाट पर पूर्वजों की तृप्ति, मोक्ष एवं पितृ ऋण से मुक्ति हेतु महाविधान

तीर्थ स्थल:सिद्धवट एवं रामघाट, क्षिप्रा तट, उज्जैन
पूजा अवधि:1 दिन (3 घंटे) अथवा 3 दिवसीय नागबलि
प्रारंभिक दक्षिणा:₹2,100
माध्यम:उज्जैन / ऑनलाइन
पितृ दोष एवं नारायण नागबलि पूजा उज्जैन
सिद्धवट तीर्थ (अमर वटवृक्ष), उज्जैन

सिद्धवट एवं रामघाट, क्षिप्रा तट, उज्जैन

शास्त्रोक्त एवं प्रामाणिक विधानउज्जैन पावन तीर्थ

पूजा का शास्त्रोक्त स्वरूप एवं महत्व

पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनकी आत्मा की शांति हेतु नारायण नागबलि एवं पितृ शांति विधान सर्वश्रेष्ठ उपाय है। त्रिपिंडी श्राद्ध और पिंडदान द्वारा तीन पीढ़ियों के ज्ञात-अज्ञात पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है।

शास्त्रों में कहा गया है कि देवताओं से पूर्व पितरों को प्रसन्न करना चाहिए। पितरों के प्रसन्न होने से संतान सुख, विद्या, आरोग्य एवं धन की सहज प्राप्ति होती है।

उज्जैन तीर्थ में ही क्यों?

माता सीता ने राजा दशरथ का पिंडदान उज्जैन की क्षिप्रा तट पर स्थित सिद्धवट पर ही किया था। इसी कारण इस स्थान को मोक्षदायिनी अवंतिका का हृदय कहा जाता है।

सिद्धवट तीर्थ (अमर वटवृक्ष), उज्जैन

शास्त्रोक्त वैदिक पूजा विधि

उज्जैन के पावन तीर्थ पर प्रत्येक अनुष्ठान संपूर्ण वैदिक शुचिता एवं मर्यादा से संपन्न होता है।

1

क्षिप्रा स्नान एवं संकल्प

क्षिप्रा के पावन जल में स्नान कर तीनों कुलों (पितृ, मातृ एवं ससुराल) का संकल्प।

2

तिल-जौ से तर्पण

कुशा की अंगूठी धारण कर काले तिल, जौ व गंगाजल से पितृ तर्पण।

3

पिंडदान संस्कार

जौ के आटे अथवा पके हुए चावल के पिंड बनाकर सिद्धवट के नीचे वैदिक पिंडदान।

4

त्रिपिंडी श्राद्ध / नागबलि

ताम्र, रजत एवं स्वर्ण के प्रतीकों से पूर्वजों की अशांत आत्माओं की शांति।

5

ब्राह्मण भोजन व गौ ग्रास

वेदपाठी ब्राह्मणों को भोजन, दक्षिणा, वस्त्र दान एवं गाय-कौए-श्वान को ग्रास।

पारदर्शी दक्षिणा सूची

पूजा पैकेज एवं दक्षिणा विवरण

सभी पैकेजों में संपूर्ण पूजन सामग्री, वैदिक विद्वान पंडित जी की दक्षिणा एवं व्यवस्था सम्मिलित है। कोई अतिरिक्त या छिपा हुआ शुल्क नहीं है।

सामान्य पितृ दोष पूजा (1 दिन)

₹2,100संपूर्ण सामग्री सहित दक्षिणा
विद्वान: 1 मुख्य पुरोहित
अवधि: 2.5 घंटे
पैकेज में क्या सम्मिलित है:
  • सिद्धवट तीर्थ पर संकल्प
  • तिल-तर्पण एवं 5 पिंडदान
  • पितृ गायत्री मंत्र पाठ
  • ब्राह्मण संकल्प व दक्षिणा
सर्वाधिक चयनित

त्रिपिंडी श्राद्ध महापूजन (Recommended)

₹4,100संपूर्ण सामग्री सहित दक्षिणा
विद्वान: 2 वेदपाठी पंडित
अवधि: 3.5 घंटे
पैकेज में क्या सम्मिलित है:
  • तीनों पीढ़ियों के ज्ञात-अज्ञात पितरों का विस्तृत श्राद्ध
  • धर्मराज, ब्रह्मा, विष्णु व महेश का आह्वान
  • सत्तू व तिल के विशेष त्रिपिंडी पिंड
  • पूर्ण तर्पण एवं क्षिप्रा विसर्जन
  • गौ ग्रास एवं ब्राह्मण भोजन व्यवस्था

नारायण नागबलि विधान (3 दिवसीय)

₹6,100संपूर्ण सामग्री सहित दक्षिणा
विद्वान: 3 वैदिक पंडित
अवधि: 3 दिन (प्रतिदिन 3 घंटे)
पैकेज में क्या सम्मिलित है:
  • अकाल मृत्यु, दुर्घटना अथवा सर्प वध दोष निवारण
  • प्रथम दिन: नारायण बलि एवं प्रायश्चित्त संकल्प
  • द्वितीय दिन: नागबलि एवं चांदी के नाग का दाह संस्कार
  • तृतीय दिन: शुद्धि श्राद्ध, शांति हवन व पूर्णाहुति
  • संपूर्ण सामग्री, वस्त्र एवं ब्राह्मण भोजन सम्मिलित

पूजा की तैयारी एवं वस्त्र नियम

वैदिक पूजा में शुचिता एवं नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक माना गया है।

पुरुषों के लिए वस्त्र नियम:

सफेद धोती एवं उत्तरीय (कुर्ता वर्जित, सोला मान्य)

महिलाओं के लिए वस्त्र नियम:

सादी साड़ी (सफेद, क्रीम अथवा हल्के रंग; काली व हरी वर्जित)

पूजा के दिन पूर्ण ब्रह्मचर्य एवं सात्विक उपवास रखें।

शुभ मुहूर्त एवं श्रेष्ठ तिथियां

शास्त्रीय मान्यता अनुसार इन पावन तिथियों पर यह अनुष्ठान विशेष फलदायी होता है:

सर्वपितृ अमावस्या एवं प्रत्येक मास की अमावस्या
पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष) के 16 दिन
सोमवती अमावस्या
अष्टमी एवं चतुर्दशी तिथि

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यदि हमें अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि ज्ञात न हो तो क्या करें?

यदि मृत्यु तिथि ज्ञात न हो, तो सर्वपितृ अमावस्या अथवा किसी भी माह की अमावस्या पर त्रिपिंडी श्राद्ध किया जा सकता है। इसमें सभी ज्ञात-अज्ञात पूर्वजों के नाम से सामूहिक तर्पण संपन्न होता है।

शुभ मुहूर्त में अपने नाम एवं गोत्र से संकल्प करवाएं

पंडित जी से सीधे बात कर अपनी जन्म कुंडली का विश्लेषण करवाएं और उपयुक्त तिथि सुनिश्चित करें।

कॉल पंडित जीव्हाट्सएप परामर्श